रतलाम: शासकीय भूमि पर अवैध दरगाह निर्माण विवादों में, शासकीय भूमि पर उर्स आयोजन भी रोकने की मांग।

रतलाम: शासकीय भूमि पर अवैध दरगाह निर्माण विवादों में, शासकीय भूमि पर उर्स आयोजन भी रोकने की मांग।

रतलाम डेस्क

रतलाम - रतलाम सैलाना रोड़ स्थित शासकीय भूमि पर अवैध दरगाह निर्माण एवं प्रस्तावित उर्स आयोजन का मामला विवाद का रूप ले सकता है।
दरअसल, इस संबंध में अब प्रशासन से शीघ्र उचित कार्रवाई की मांग की जा रही है।
रतलाम जिले के ग्राम बंजली क्षेत्र में शासकीय भूमि पर अवैध रूप से निर्मित दरगाह के संबंध में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। उपलब्ध अभिलेखों एवं सूचना के अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार, संबंधित भूमि खसरा क्रमांक 44 (रकबा लगभग 0.2000 हेक्टेयर) शासकीय दर्ज है, जिस पर बिना विधिक अनुमति के दरगाह का निर्माण किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त भूमि का स्वामित्व शासकीय है तथा किसी प्रकार का वैध पट्टा/अनुमति उपलब्ध नहीं है।
वर्ष 1956-57 से लेकर वर्तमान रिकॉर्ड तक यह भूमि शासकीय ही दर्ज है।
इस भूमि पर धार्मिक संरचना (दरगाह) का निर्माण नियमों के विरुद्ध किया गया है। यही नहीं इस अवैध निर्माण किए गए स्थल पर उर्स की तैयारियां भी की जा रही हैं, जिसके लिए किसी सक्षम प्राधिकारी को गुमराह कर अनुमति लेने की जानकारी सामने आई है।
यह स्थिति न केवल भूमि संबंधी नियमों का उल्लंघन है, बल्कि भविष्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को भी प्रभावित कर सकती है।
आपत्तिकर्ता द्वारा प्रशासन से मांग की गई है कि उक्त शासकीय भूमि पर बने अवैध दरगाह निर्माण की तत्काल जांच कर उसे हटाने हेतु कठोर कार्रवाई की जाए तथा संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध विधिसम्मत कानूनी कार्यवाही की जाए।
यह भी मांग की गई है कि प्रस्तावित उर्स आयोजन को भी बिना वैध अनुमति आयोजित होने से रोका जाए एवं भविष्य में इस प्रकार के अतिक्रमण को रोकने हेतु स्थायी एवं प्रभावी कदम उठाए जाएं।

आपत्तिकर्ता नरेंद्र (बंटी) शर्मा  ने बताया कि शासकीय भूमि पर इस तरह दरगाह निर्माण एवं बड़े उर्स जैसे आयोजन जहां हजारों की संख्या में लोग इकट्ठा होते हैं इनको जनहित एवं विधि व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए प्रशासन से अपेक्षा है कि इस गंभीर विषय पर शीघ्र संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


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