इंदौर: श्रेय लेने के चक्कर में जीतू पटवारी हो रहे सोशल मीडिया पर ट्रोल।
Monday, September 14, 2026
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इंदौर- मध्य प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी द्वारा मध्य प्रदेश पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा को लेकर की गई एक सोशल मीडिया पोस्ट इन दिनों विवादों और उपहास का कारण बन गई है। जीतू पटवारी ने सरकार को घेरने और राहुल गांधी के इंदौर दौरे के असर को भुनाने के चक्कर में एक बड़ी तथ्यात्मक चूक कर दी, जिसके बाद यूजर सोशल मीडिया पर उनके सामान्य ज्ञान और पोस्ट की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
जीतू पटवारी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से राहुल गांधी के 19 सितंबर के इंदौर आगमन का स्वागत करते हुए एक पोस्ट साझा की। इस पोस्ट में उन्होंने मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) की 'पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा' का आधिकारिक नोटिफिकेशन संलग्न करते हुए लिखा कि युवाओं की आवाज का असर दिखने लगा है और सरकार को भर्ती प्रक्रिया सामने लानी पड़ी।
हालांकि, अपनी पोस्ट के टेक्स्ट में उन्होंने लिखा:
"15 सितंबर 2026 से आवेदन, 29 सितंबर तक फॉर्म और 30 अक्टूबर से परीक्षा, यही नहीं 7,500 पदों की भर्ती संख्या"
जीतू पटवारी की पोस्ट की तथ्यात्मक पड़ताल
वर्ष का अंतर
जीतू पटवारी ने अपने लिखे टेक्स्ट में आवेदन की तारीख 15 सितंबर 2026 बताई, जबकि उन्होंने खुद जो सरकारी रूलबुक का फोटो (Notification ) पोस्ट के साथ अटैच की है, उसमें स्पष्ट रूप से 15 सितंबर 2025 से 29 सितंबर 2025 तक फॉर्म भरने और 30 अक्टूबर 2025 से परीक्षा शुरू होने की समय-सारणी दर्ज है।
क्रेडिट लेने की होड़ में चूक:
सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि राजनीतिक जल्दबाजी और श्रेय (Credit) लेने की होड़ में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने अपनी ही पोस्ट में संलग्न दस्तावेज की तारीखों को ध्यान से पढ़े बिना ही पोस्ट कर दिया।
सोशल मीडिया पर क्यों उड़ रहा उपहास?
पोस्ट वायरल होते ही सोशल मीडिया यूज़र्स ने उन्हें निशाने पर ले लिया।
यूजर्स के रिएक्शन: लोगों का कहना है कि एक ज़िम्मेदार जनप्रतिनिधि और प्रदेश स्तर के नेता को जनता के बीच कोई भी जानकारी साझा करने से पहले तथ्यों की पुष्टि कर लेनी चाहिए।
राजनीतिक जानकार मानते हैं कि इस तरह की गैर-जिम्मेदाराना गलतियां विपक्ष के उस मुद्दे के असर को हल्का कर देती हैं, जिसे उठाने की कोशिश वे कर रहे थे।