सैलाना : सांदिपनी मॉडल स्कूल में हुआ “माटी गणेश–सिद्ध गणेश” प्रशिक्षण कार्यक्रम..
Thursday, September 10, 2026
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मिट्टी से गणेश प्रतिमा निर्माण के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश, “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत पौधारोपण..
सैलाना- मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद विकासखंड सैलाना, जिला रतलाम के अंतर्गत नवांकुर संस्था भागीरथ रूरल अवेयरनेस थिंकर्स फाउंडेशन के माध्यम से सांदिपनी मॉडल स्कूल में “माटी गणेश–सिद्ध गणेश अभियान” के अंतर्गत प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में विकासखंड समन्वयक श्री रतनलाल जी चरपोटा द्वारा विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण एवं जन-जागरूकता के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। उन्होंने बताया कि “माटी गणेश–सिद्ध गणेश” अभियान के माध्यम से पर्यावरण एवं जल संरक्षण की दिशा में जन-जागरूकता का कार्य किया जा रहा है। अभियान का मुख्य उद्देश्य जन-जन में पर्यावरण के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना तथा मिट्टी से निर्मित गणेश प्रतिमा स्थापित करने के लिए लोगों को प्रेरित करना है।
कार्यक्रम में प्रशिक्षक विक्रम जी शर्मा द्वारा विद्यार्थियों को मिट्टी से भगवान श्री गणेश की प्रतिमा बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक स्वयं मिट्टी के गणेश बनाकर इस कला को सीखा। प्रशिक्षण के दौरान भगवान श्री गणेश जी के जीवन से जुड़ी प्रेरणादायक कहानियों एवं प्रसंगों के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रकृति, पर्यावरण एवं सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के उपरांत “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत विद्यालय परिसर में पौधारोपण भी किया गया। विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं उपस्थित अतिथियों ने पौधे रोपित कर उनके संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लिया। पौधारोपण के माध्यम से विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण, हरियाली बढ़ाने तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यावरण तैयार करने का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य गिरीश जी सारस्वत सहित शिक्षक योगेश जी परमार, कमलेश जी पाटीदार, वैभव जी दुबे, पलक विश्वकर्मा, अशोक जी गौड़, इम्प्रेस खान एवं सुरेश बानिया उपस्थित रहे। वहीं नवांकुर संस्था भागीरथ रूरल अवेयरनेस थिंकर्स फाउंडेशन के हरीश सिलावट एवं परामर्शदाता योगेश जी तंवर भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को मिट्टी से गणेश प्रतिमा निर्माण, पर्यावरण संरक्षण एवं जल संरक्षण के साथ पौधारोपण के महत्व से अवगत कराया गया। आयोजन ने विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और पर्यावरण संरक्षण की भावना को मजबूत करने का सकारात्मक संदेश दिया।