इंदौर: भारतीयता की समझ: सातत्य एवं अवरोध विषय पर एक दिवसीय व्याख्यान माला का आयोजन
Thursday, January 8, 2026
Edit
शिक्षा के द्वारा भारतीयता की स्थापना होगी: डॉ बृजेंद्र पाण्डेय
इंदौर- प्रज्ञा प्रवाह वाग्देवी विचार मंच ,महिला आयाम ,मालवा प्रांत के द्वारा प्रीतमलाल दुआसभागृह , इंदौर में एक दिवसीय व्याख्यान माला का आयोजन किया गया। महान लेखक, चिंतक , वक्ता प्रोफेसर डॉक्टर बृजेंद्र पाण्डेय जी की पुस्तक स्वाहिंदु भारत का अध्ययन महिला आयाम के अध्ययन केंद्र द्वारा किया जा रहा था जिसकी पूर्णता के उपलक्ष्य में पुस्तक के लेखक डॉ बृजेंद्र पाण्डेय को मुख्य वक्ता के रूप में ' भारतीयता की समझ: सातत्य एवं अवरोध' विषय पर अपने विचार व्यक्त किए जाने हेतु आमंत्रित किया गया। कार्यक्रम का प्रारंभ मां सरस्वती के पूजन से हुआ। मुख्य अतिथि एवं कार्यक्रम के अध्यक्ष का स्वागत वाग्देवी माँ की प्रतिमा से किया गया ।
बृजेंद्र जी ने भारतीयता पर समझाते हुए बताया कि ये एक परंपरा है, हमे इसे समझने , इसके उद्देश्य,अंतर्वस्तु एवं विषयवस्तु को समझने हेतु भारतीय दृष्टिकोण से समझना होगा। आधुनिकता और आधुनिकीकरण , भारतीयता की अंतर्वस्तु न होकर , आवश्यकतानुसार उपभोग की संस्कृति , प्रकृति का समुचित उपयोग, आदि की संस्कृति रही है। मुख्य वक्ता द्वारा भारतीयता के समक्ष आने वाले अवरोधों को बिंदुवार प्रस्तुत किया एवं उसको सात्त्यता के लिए बिंदुवार सूत्र प्रस्तुत किए। श्रोतागण द्वारा प्रश्न किए गए जिनके उत्तर में बृजेंद्र जी ने बताया कि भारतीय ज्ञान परंपरा एक अध्ययन एवं अध्यापन की शैली है ,इसके अंतर्गत भारतीय दृष्टिकोण से उपलब्ध साहित्यों को अध्ययन एवं अध्यापन किया जाना चाहिए।
श्रोतागण में विद्वान एवं विदुषियों की उपस्थिति रही,वकील ,प्राचार्य,अध्यापक ,प्राध्यापक , शोधार्थी ,लोकसेवक, विद्यार्थी , समाजसेवी एवं विभिन्न वर्गों के लोगों की उपस्थिति एवं सहभागिता रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रोफेसर डॉ अशोक सचदेवा ,GDC द्वारा की गई। कार्यक्रम की सूत्रधार महिला आयाम मालवा प्रांत प्रमुख डॉ समीक्षा नायक, सहप्रमुख डॉ सुधीरा चंदेल रही। विषय का परिचय डॉ मेनका जादोन जी द्वारा रखा गया। अतिथि परिचय शोधार्थी प्रीति कनाडिया द्वारा दिया गया। कार्यक्रम का अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए डॉ अशोक सचदेवा जी ने बताया कि प्रज्ञा प्रवाह द्वारा आयोजित ये कार्यक्रम बहुत सफल रहा और इस प्रकार के व्याख्यान माला निरन्तर आयोजित किए जाने चाहिए। कार्यक्रम में महिला आयाम की विभाग प्रमुख डॉ मेनका जादोन एवं सह प्रमुख डॉ रितंभरा जी ने प्रज्ञा प्रवाह का परिचय दिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ स्वाति उपाध्याय जी एवं आभार डॉ वंचना सिंह परिहार द्वारा दिया गया।वंदे मातरम के गायन के साथ ही कार्यक्रम का औपचारिक समापन हुआ।