इंदौर: युवक की निर्मम हत्या व पुलिस की कार्यप्रणाली के विरोध में वकीलों की हुंकार
Saturday, January 31, 2026
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इंदौर-हाई कोर्ट में मुंशी का कार्य करने वाले रिटायर्ड पुलिसकर्मी के पुत्र युवक संजय सिंह रावत की 26 जनवरी को बाइक टकराने की बात पर इंदौर के एरोड्रम थाना क्षेत्र में नशेड़ी बदमाशों द्वारा बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस मामले में निष्पक्ष जांच न होने के आरोप लगाते हुए शुक्रवार को बड़ी संख्या में हाई कोर्ट और जिला न्यायालय के अधिवक्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। करीब 300 से अधिक अधिवक्ता हाई कोर्ट परिसर से पैदल मार्च करते हुए पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने कमिश्नर संतोष सिंह को ज्ञापन सौंपकर जांच पर गंभीर सवाल खड़े किए।
अधिवक्ताओं का आरोप है कि मामले में थाना प्रभारी और जांच अधिकारी ने लापरवाही बरती है। ना तो निष्पक्ष जांच की गई और न ही आरोपियों के खिलाफ पूरी धाराओं में कार्रवाई की गई। अधिवक्ताओं ने कहा कि आरोपियों का पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड होने के बावजूद उन्हें जल्दबाजी में बिना पर्याप्त जांच और चार्जशीट पूरी किए बिना कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया जिससे मामले को कमजोर किया जा रहा है। अधिवक्ताओं ने यह भी सवाल उठाया कि आखिर ऐसी क्या जल्दबाजी थी कि पुलिस वालो ने इतनी जल्दबाजी दिखाई और एक दिन का भी रिमांड नहीं लिया? निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर अधिवक्ताओं ने जांच अधिकारी और थाना प्रभारी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की भी बात कही है।
इस दौरान हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष यादव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि इस मामले में निष्पक्ष और पारदर्शी जांच नहीं की गई तो अधिवक्ता संघ भविष्य में और उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा।
कमिश्नरी सिस्टम को बताया फेल
एसोसिएशन अध्यक्ष मनीष यादव ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि - 26 जनवरी जैसे दिन जिस दिन प्रशासन दावा करता है की सुरक्षा मुस्तैद रहती है, ड्राई डे रहता है बावजूद शराबियों ने, एमडी ड्रग्स का नशा किए हुए लोगों ने संजय की हत्या कर दी। पुलिस ने एक सिंगल दिन का भी रिमांड ना लेते हुए उधर मृतक संजय का अंतिम संस्कार हो रहा था और पुलिस ने बदमाशों को बाले बाले पेश कर दिया। ऐसी क्या जल्दी थी ? जांच अधिकारी पर कठोर कार्यवाही की जाए, थाना प्रभारी की जांच की जाए उसे निलंबित किया जाए कि किन परिस्थितियों में उसने इतनी ताबड़तोड़ जल्दी दिखाई एक ऐसे अपराधी को बचाने में जिस पर पहले से ही 10-10 अपराध दर्ज हैं।
उन्होंने आगे कहा कि - कमिश्नरी सिस्टम जो है वो पूरी तरह फेल है। इंदौर जैसे शहर के प्रभारी मंत्री जो कि खुद सीएम है उसके बाद भी जंगल राज जैसे हालात है। हम उनसे भी मिलेंगे।
पुलिस केवल चालान बनाने में व्यस्त
यादव ने आरोप लगाया कि पुलिस केवल ड्रिंक एंड ड्राइव एवं हेलमेट के चालान बनाने में व्यस्त है। चालान भी उनके बनाए जाते हैं जो अपने परिवार के साथ जा रहा हो। अपराधी बच कर निकल जा रहे है।
सात दिन में कार्यवाही नहीं तो आगे विचार करेंगे
उन्होंने कहा कि इन्हीं सब बातों को लेकर आज सीपी साहब को ज्ञापन दिया है। यदि सात दिन में कार्यवाही नहीं हुई तो हम आगे की लाइन ऑफ एक्शन पर विचार करेंगे।