इंदौर: घरेलू हिंसा से जुड़े प्रकरण का हुआ नेशनल लोक अदालत में निपटारा
Sunday, March 15, 2026
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इंदौर - घरेलू हिंसा से जुड़े एक प्रकरण में न्यायालय ने महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए पाया कि पत्नी द्वारा भरण-पोषण राशि प्राप्त न करने का दावा सही नहीं था। यह मामला वर्ष 2023 से प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट सुश्री एका सोनी की अदालत में लंबित था।
मामले में प्रतिप्रार्थी पक्ष की अधिवक्ता एडवोकेट दीपाली बेरी ने न्यायालय को बताया कि पति द्वारा हर माह भरण-पोषण की राशि ऑनलाइन माध्यम से नियमित रूप से पत्नी को भेजी जा रही थी। इसके बावजूद पत्नी द्वारा न्यायालय में राशि प्राप्त न करने का दावा किया जाता रहा।
अधिवक्ता दीपाली बेरी ने न्यायालय के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर ऑनलाइन भुगतान से जुड़े साक्ष्य पेश किए और अदालत को अवगत कराया कि पत्नी द्वारा गलत जानकारी देकर न्यायालय को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रस्तुत तथ्यों और साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद न्यायालय ने भी माना कि पति द्वारा समय-समय पर भरण-पोषण राशि का भुगतान किया जा रहा था। इसके बाद प्रार्थी पक्ष को भी अपनी बात स्वीकार करनी पड़ी।
मामले की स्थिति को देखते हुए प्रकरण को नेशनल लोक अदालत में प्रस्तुत किया गया, जहां दोनों पक्षों की सहमति से विवाद का निपटारा कर दिया गया। इस प्रकार लंबे समय से चल रहे इस विवाद में पति को राहत मिली और मामले का समाधान हो गया।