सैलाना: वाल्मीकि आश्रम में वार्षिक उत्सव संपन्न;सांसद सोलंकी और विधायक डामर रहे मौजूद।
Saturday, January 24, 2026
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सैलाना- वनवासी कल्याण परिषद द्वारा संचालित वाल्मीकि आश्रम में 45 वर्ष पूर्ण होने पर वार्षिक उत्सव का भव्य आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों,जनप्रतिनिधियों और
अनुसांगिक संगठन के पदाधिकारियों ने शिरकत की।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी (राज्यसभा सांसद एवं प्रदेश महामंत्री,भाजपा म.प्र.) रहे।
विशिष्ट अतिथियों में श्रीमती अनीता नागर सिंह चौहान (सांसद, रतलाम-झाबुआ-अलीराजपुर), रतलाम ग्रामीण विधायक मथुरालाल डामर,डॉ.उदय याद्रे(क्षेत्रीय स्वास्थ्य प्रमुख वनवासी कल्याण परिषद मध्य क्षेत्र) रहे।।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता मिथुन मकवाने प्रांत सह संगठन मंत्री वनवासी कल्याण परिषद रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के पूजन और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।
मुख्य वक्ताओं ने किया संबोधित
संगठन की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए
मुख्यवक्ता मिथुन मकवाने ने वनवासी कल्याण परिषद के गौरवशाली इतिहास को साझा करते हुए बताया:की
वनवासी कल्याण परिषद की स्थापना:1952 में बाला साब देशपांडे द्वारा मात्र 7 बच्चों के साथ की गई थी।आज परिषद द्वारा 218 विद्यालय,200 छात्रावास से अधिक छात्रावास और 6500 से अधिक स्वास्थ्य शिविरों का संचालन किया जा रहा है।
लक्ष्य : परिषद "जल,जंगल,जमीन,जन और जानवर"(5-J) के संरक्षण और ग्राम विकास पर केंद्रित है।
हमारे "संस्कार और संस्कृति ही असली पहचान" है
सांसद डॉ.सुमेर सिंह सोलंकी ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि बच्चों को केवल अंक लाने की दौड़ में न झोंकें,बल्कि उन्हें ईमानदार और संस्कारवान नागरिक बनाएं। उन्होंने समाज से आह्वान किया कि वे अपनी जड़ों और संस्कृति से जुड़े रहकर परिषद के कार्यों में सहयोग करें।
बड़ी घोषणा:विधायक निधि से 10 लाख की सौगात
रतलाम ग्रामीण विधायक मथुरालाल डामर ने आश्रम की सुविधाओं के विस्तार हेतु 10 लाख रुपये की विधायक निधि देने की घोषणा की। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभावान विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया गया।
सांस्कृतिक रंग
आश्रम के बच्चों ने पारंपरिक लोकनृत्यों की मनमोहक प्रस्तुति दी, जिसने सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम का कुशल संचालन प्रशांत दवे द्वारा किया गया और आभार डॉ. रूपचंद मईडा ने व्यक्त किया।
मुख्य बिंदु
घोषणा: ₹10 लाख की आर्थिक सहायता (विधायक निधि)।
संदेश: बच्चों को 'मार्क्स' के प्रेशर से मुक्त कर 'संस्कार' देने पर जोर।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र और संगठन के कार्यकर्ता,समाजजन,आश्रम समिति सदस्य मौजूद रहे।।