इंदौर/सैलाना: अवैध पदोन्नति वैध नहीं बन सकती, याचिका खारिज — हाईकोर्ट

इंदौर/सैलाना: अवैध पदोन्नति वैध नहीं बन सकती, याचिका खारिज — हाईकोर्ट

इंदौर/रतलाम डेस्क

इंदौर-हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने एक अहम फैसले में कहा कि लंबे समय तक किसी पद पर बने रहने से अवैध पदोन्नति वैध नहीं हो जाती। अदालत ने 12 साल पहले दी गई पदोन्नति को अवैध मानते हुए याचिकाकर्ता की रिट याचिका खारिज कर दी।

रतलाम जिले के सैलाना नगर परिषद के कर्मचारी दौलतराम मकवाना को सहायक राजस्व निरीक्षक पद से हटाकर उनके मूल पद सफाई संरक्षक पर भेजे जाने के आदेश को उन्होंने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। जांच में पाया गया कि स्वच्छता शाखा से राजस्व शाखा में पदोन्नति के लिए नियमों में कोई फीडर कैडर निर्धारित नहीं है, इसलिए 2012 में दी गई पदोन्नति नियमों के विरुद्ध थी।

न्यायालय ने कहा कि विभागीय जांच और प्रक्रिया सही तरीके से की गई थी। इसलिए कर्मचारी को मूल पद पर भेजने का आदेश नियमों के अनुरूप है। हालांकि, कर्मचारी से किसी प्रकार की आर्थिक वसूली नहीं की जाएगी। न्यायमूर्ति जय कुमार पिल्लई ने याचिका को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया।

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