सैलाना : रक्षाबंधन पर बहनों ने भाइयों से लिया नशामुक्ति और सम्मान का संकल्प
Saturday, August 22, 2026
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गायत्री परिवार का अनूठा अभियान, विद्यालयों में बालिकाओं को वितरित किए सत्संकल्प पत्र
सैलाना- नशामुक्त भारत अभियान के तहत अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा नारी शक्ति को केंद्र में रखकर एक अनूठा जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के माध्यम से आगामी रक्षाबंधन पर्व पर बहनों से आग्रह किया जा रहा है कि वे अपने भाइयों से ऐसा सत्संकल्प लें, जो परिवार और समाज को नशामुक्त एवं संस्कारित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए।
गायत्री परिवार के परम पूज्य गुरुदेव ने वर्षों पूर्व ही घोषणा की थी कि “21वीं सदी नारी सदी होगी।” इसी विचार को आगे बढ़ाते हुए विद्यालयों में अध्ययनरत बालिकाओं के माध्यम से भाइयों को नशे से दूर रहने, महिलाओं का सम्मान करने और समाज में व्याप्त बुराइयों के विरोध का संकल्प दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
वरिष्ठ परिजन कान्तीलाल राठौड़ एडवोकेट ने बताया कि नगर के माता शबरी कन्या आवासीय परिसर, एकलव्य उच्चतर माध्यमिक विद्यालय एवं सांदीपनी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में अध्ययनरत बालिकाओं को सत्संकल्प पत्र की प्रतियां वितरित की गईं। इस दौरान बालिकाओं को समझाइश दी गई कि वे आगामी रक्षाबंधन पर अपने भाइयों से राखी के उपहार के रूप में कोई वस्तु नहीं, बल्कि एक श्रेष्ठ संकल्प मांगें।
इसी क्रम में सैलाना नर्सिंग कॉलेज में भी विद्यार्थियों को सत्संकल्प पत्र वितरित किए गए। कॉलेज के डायरेक्टर सुरेन्द्र गोस्वामी ने गायत्री परिवार के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि पर्व को सामाजिक बुराइयों के त्याग से जोड़ना एक सकारात्मक पहल है। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन पर उपहार के रूप में संकल्प लेना युवाओं को नशे से दूर रखने और समाज में सकारात्मक वातावरण बनाने की दिशा में प्रभावी कदम है।
नशा बुद्धि और नैतिकता को प्रभावित करता है
गायत्री परिवार के सदस्यों ने बताया कि नशे का सीधा प्रभाव व्यक्ति की बुद्धि और विवेक पर पड़ता है। नशे की स्थिति में व्यक्ति की सही और गलत में अंतर करने की क्षमता कमजोर हो जाती है। नशा संकोच और नैतिकता को प्रभावित करता है, जिसके कारण व्यक्ति कई बार गलत कार्य कर बैठता है और बाद में पछताता है। इसलिए नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए युवाओं को जागरूक करना आवश्यक है।
बहनों का भाइयों से विशेष आग्रह
सत्संकल्प पत्र में बहनों की ओर से भाइयों से आग्रह किया गया है कि वे केवल अपनी बहन की ही नहीं, बल्कि समाज की प्रत्येक बेटी और महिला के सम्मान एवं सुरक्षा के लिए तत्पर रहें। बहनों का संदेश है कि भाई सभी बहनों में अपनी बहन की ही छवि देखें और उनके प्रति होने वाले अन्याय, अत्याचार एवं अशिष्ट व्यवहार का विरोध करें।
बहनों ने भाइयों से यह भी आग्रह किया है कि वे अश्लील सामग्री से दूर रहें, किसी भी प्रकार के नशे का सेवन न करें और दूसरों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करें। बहनों के अनुसार यही संकल्प रक्षाबंधन का सबसे बड़ा और सार्थक उपहार होगा।
भाई का सत्संकल्प
रक्षाबंधन के अवसर पर भाई संकल्प लेगा—
“हम बदलेंगे, युग बदलेगा। हम सुधरेंगे, युग सुधरेगा।”
रक्षा सूत्र केवल कलाई पर ही नहीं, बल्कि विचारों पर भी बांधने का संकल्प लिया जाएगा। भाई सभी बहनों में अपनी बहन की छवि देखने, उनके प्रति होने वाले अन्याय, अत्याचार और अशिष्ट व्यवहार का अपनी पूरी शक्ति से विरोध करने तथा उनकी सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर रहने का संकल्प लेगा।
इसके साथ ही श्रेष्ठ भाई बनने के लिए अश्लील सामग्री से दूर रहने, किसी भी प्रकार के नशे का सेवन नहीं करने तथा अन्य लोगों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया जाएगा।
इस अवसर पर गायत्री परिवार के परिजन कान्तीलाल राठौड़ एडवोकेट, कमलेश कुमार शर्मा सहित अन्य सहयोगी उपस्थित रहे।